उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत, पात्र पेंशनरों को तत्काल लाभ दे सरकार : वीरेन्द्र नामदेव

उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत, पात्र पेंशनरों को तत्काल लाभ दे सरकार : वीरेन्द्र नामदेव

रायपुर । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की खंडपीठ द्वारा पारित महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए पात्र पेंशनरों को 6वें एवं 7वें वेतन आयोग के एरियर का लाभ बिना किसी विलंब के प्रदान किया जाए।

नामदेव ने कहा कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट रूप से माना है कि राज्यों के बीच देनदारी संबंधी विवाद अथवा आपसी सहमति का अभाव पेंशनरों के वैधानिक अधिकारों को रोकने का आधार नहीं बन सकता। न्यायालय ने 01 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक के 32 माह तथा 01 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक के 27 माह के एरियर भुगतान संबंधी एकलपीठ के आदेश को यथावत रखते हुए राज्य सरकार की अपील निरस्त कर दी है।

उन्होंने कहा कि पेंशनर वर्षों से अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय से हजारों पेंशनरों को राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब राज्य सरकार को चाहिए कि वह किसी प्रकार की अनावश्यक कानूनी अथवा प्रशासनिक बाधा उत्पन्न किए बिना पात्र पेंशनरों को एरियर की राशि का भुगतान सुनिश्चित करे।

वीरेन्द्र नामदेव पेंशनर्स प्रतिनिधि जे पी मिश्रा, अनिल गोल्हानी,प्रवीण कुमार त्रिवेदी,टी पी सिंह, एम एन पाठक,बी एस दसमेर, अनिल पाठक, शैलेन्द्र सिन्हा,आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा,डॉ शेषा सक्सेना, वंदना मिश्रा, लता चावड़ा, अनिल तिवारी,एम आर वर्मा आदि ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से आग्रह किया कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी पात्र पेंशनरों को 59 माह के लंबित एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाए तथा भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से घोषित 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डी.आर.) का आदेश भी एरियर सहित तत्काल जारी किया जाए, ताकि प्रदेश के लाखों पेंशनरों को समय पर उनका देय लाभ प्राप्त हो सके।

नामदेव ने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ न्यायालय के इस निर्णय को पेंशनरों के अधिकारों की महत्वपूर्ण जीत मानता है और आशा करता है कि राज्य सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई