डीए-डीआर आदेश में विलम्ब से कर्मचारियों और पेंशनरों में बढ़ी बेचैनी
20 मई की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में आंदोलनात्मक रणनीति पर होगी चर्चा
रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से घोषित 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) एवं महंगाई भत्ता (डीए) के आदेश जारी करने में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार विलम्ब किए जाने पर कर्मचारियों और पेंशनरों में गहरी नाराजगी एवं बेचैनी व्याप्त है। राज्य सेवा के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को भी डीए देने की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्यवाही दिखाई नहीं दे रही है। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि कर्मचारी संगठनों में भी इस गंभीर विषय को लेकर अपेक्षित सक्रियता और हलचल दिखाई नहीं दे रही है।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, महामंत्री द्वय अनिल गोल्हानी एवं प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह सहित महासंघ के पदाधिकारियों ने जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य सरकार पूर्व की तरह विलम्ब कर कर्मचारियों और पेंशनरों के एरियर को दबाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2018 से अब तक लगभग 88 माह का डीए-डीआर एरियर आज भी लंबित है, जिससे कर्मचारियों एवं पेंशनरों में सरकार के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ रही है।
महासंघ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों एवं पेंशनरों को राज्य बजट से केंद्र सरकार की देय तिथि से एरियर सहित डीए-डीआर का भुगतान नियमित रूप से किया जाता है, जबकि सामान्य राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान लाभ दिए जा रहे हैं तथा वहां 1 जनवरी से 2 प्रतिशत डीए-डीआर स्वीकृत करने के आदेश भी जारी हो चुके हैं। ऐसे में एक ही राज्य में अलग-अलग वर्गों के साथ अलग नीति अपनाना अन्यायपूर्ण, भेदभावपूर्ण तथा आर्थिक शोषण का परिचायक है।
महासंघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन से आवश्यक पत्राचार कर पेंशनरों के लंबित डीआर एरियर की 74 प्रतिशत राशि प्राप्त की जाए तथा राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से डीए-डीआर एरियर सहित तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र आदेश जारी नहीं किए गए तो कर्मचारियों और पेंशनरों में व्यापक असंतोष उभर सकता है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश की 20 मई, बुधवार को रायपुर स्थित विमतारा भवन, शांतिनगर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर सरकार के समक्ष आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।