सांसद बृजमोहन ने संसद में उठाया बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल का मुद्दा
रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में बुजुर्गों की देखभाल और उनके सम्मानजनक जीवन से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय को मजबूती से उठाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा रखते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
सांसद अग्रवाल द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि देश में अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) के तहत केंद्र सरकार देशभर के 705 वरिष्ठ नागरिक गृहों को सहायता प्रदान कर रही है। इनमें से मात्र तीन वरिष्ठ नागरिक गृह छत्तीसगढ़ में स्थित हैं।
मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के कुल 33 जिलों में से 30 ऐसे जिले हैं जहाँ अभी तक एक भी वरिष्ठ नागरिक गृह उपलब्ध नहीं है। राज्य सरकार द्वारा किए गए जिला-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर ऐसे जिलों को “गैप जिला” के रूप में चिन्हित किया गया है।
बृजमोहन अग्रवाल ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और समुचित देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाओं का हर जिले में उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ के इन गैप जिलों में शीघ्र वरिष्ठ नागरिक गृह स्थापित करने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए।
सांसद अग्रवाल के आग्रह पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग वर्षभर अनुदान पोर्टल के माध्यम से गैर-सरकारी संगठनों से आवेदन आमंत्रित कर रहा है, ताकि ऐसे जिलों में वरिष्ठ नागरिक गृहों की परियोजनाओं को स्वीकृति देकर बुजुर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
गंभीर बीमार वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी उठाया मुद्दा
सांसद अग्रवाल ने गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों की देखभाल के लिए किए जा रहे प्रबंधों पर भी विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर मंत्रालय ने बताया कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों के लिए सतत देखभाल गृह (सीसीएच) संचालित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वर्तमान में देशभर में ऐसे 13 सीसीएच संचालित हो रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में अभी तक किसी भी सीसीएच को वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जा रही है।
बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे सतत देखभाल गृहों की स्थापना और वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों को आवश्यक चिकित्सा और देखभाल मिल सके।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि वृद्धजनों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (एनपीएचसी) शुरू किया गया है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के तहत मोबाइल मेडिकेयर यूनिट, फिजियोथेरेपी क्लिनिक, वरिष्ठ नागरिक गृह और अन्य सुविधाओं के संचालन के लिए विभिन्न संस्थाओं को अनुदान दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनकी पारिवारिक आय 15 हजार रुपये प्रति माह से कम है, उन्हें जीवन सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं एल्डरलाइन राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14567 के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की जा रही है।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। संसद में इस मुद्दे को उठाकर उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।