एस आई आर की प्रक्रिया के तहत आम लोंगो का नाम काटने के लिए चल रहा है बड़ा खेल-आम आदमी पार्टी
महासमुंद।आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर एवं जिलाध्यक्ष राकेश झाबक के नेतृत्व में आज आम आदमी पार्टी ने अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा वर्तमान में छत्तीसगढ़ में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में चुनावी और प्रशासनिक अनियमितता बरती जा रही है जिससे मतदाता सूची के नाम पर लोकतंत्र की जड़ों पर चोट की जा रही है। वहीं फॉर्म-7 के जरिए नाम काटने के लिए लिए जा रहे आवेदनो में विरोध कर्ता से न पहचान पत्र मांगी जा रही है और न ही उनके हस्ताक्षर का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है जिसका फायदा उठाते हुए अकेले अगर महासमुंद विधानसभा की ही बात किया जाय तो AERO को प्राप्त 438 आवेदनों में एक वर्ग विशेष समुदाय को चिन्हाकित करते हुए आवेदन किए गए हैं जिसमे 438 के कुल आवेदन में मुस्लिम समुदाय से 378, हरिजन आदिवासी 23 और 37 अन्य वर्ग के विरुद्ध आवेदन है।इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या खेल चल रहा है,उन्होंने चेतावनी दी कि यह सीधे-सीधे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का उल्लंघन है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी देने पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। प्रदेश में कई जगहों पर एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही दिन में 25 से 30 आवेदन नाम काटने के लिए दिये हैं जिनका नाम पता सब ग़लत है।निश्चित ही अन्य पार्टियों से जुड़े समाज के ST, SC और अल्पसंख्यक वर्गों को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने की कोशिश की जा रही है।महासमुंद शहर से सुरेश कुमार भोई नाम के अकेले व्यक्ति के द्वारा 28 व्यक्तियो का नाम काटने का आवेदन आया है,आम आदमी पार्टी ने आज जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग किया है कि संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध FIR दर्ज कर सख्त कार्यवाही करे जिससे लोगों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला करने वाले लोंगो को सबक मिले एवं विश्व के सबसे बड़ी लोकतान्त्रिक व्यवस्था में लोकतंत्र जिंदा रह पाये।
आगे उन्होंने ने कहा प्रथम प्रकाशन और आपत्ति की समय-सीमा समाप्त होने के बाद लॉजिकल विसंगतियों' (logical discrepancies) के नाम पर लगभग 30% मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए,जबकि प्रदेश में लाखों संख्या में लोग हैं जो कोई बाहर नौकरी कर रहे हैं या बाहर काम कर रहें हैं तो उन्होंने सोचा कि अब तो हमारा नाम मतदाता सूची में जुड़ गया है इस वजह से भी बहुत सारे लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दे पाया और उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। और चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को इसकी औपचारिक सूचना भी नहीं दी। यह एक तरह की आयोग की मनमानी रही है।जिसका विरोध आम आदमी पार्टी लिखित में कर रही है।आम आदमी पार्टी मांग करती है कि यदि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता नहीं दिखाई, तो आम आदमी पार्टी सड़क, सदन और न्यायालय—तीनों मोर्चों पर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई छेड़ेगी।
आज ज्ञापन सौंपने वालो में भूपेन्द्र चन्द्राकर, राकेश झाबक,कादिर चौहान,पूनाराम निसाद,राजेश यादव,गुलाम मोहम्मद
शरीफ,शहजादा अय्यूबी आदि आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित थे।