एक नवंबर की कांग्रेस की रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने तय की शर्तें
पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय करते हुए रात में रुकने और भड़काऊ भाषणों पर रोक लगाई है। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर दिया है। कानून-व्यवस्था के नजरिए से दी गई यह मंजूरी, जमीन के मालिक प्राधिकरण (लैंड अथॉरिटी) से पूर्व अनुमति लेने और कई शर्तों का पालन करने पर निर्भर है। इन शर्तों में रैली का काम शाम 5 बजे तक खत्म करना और कार्यक्रम स्थल पर रात भर रुकने पर रोक लगाना शामिल है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) कार्यालय से मनीष चतरथ को भेजे गए एक पत्र में यह पुष्टि की गई है कि 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने के अनुरोध पर विचार किया गया है।
मनीष चतरथ पार्टी मुख्यालय के प्रभारी हैं और कांग्रेस वर्किंग कमिटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। यह रैली 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जानी है। आयोजकों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें प्रवेश और निकास द्वारों, मंच, आसपास के क्षेत्रों और बैठने की जगहों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाना शामिल है। इस व्यवस्था में रिकॉर्डिंग की सुविधा, कम से कम पांच स्क्रीन के जरिए निगरानी, और एक समर्पित CCTV कंट्रोल रूम होना चाहिए। इसके अलावा, पर्याप्त पानी के टैंकर और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें महिला प्रतिभागियों के लिए अलग सुविधाएं हों। कार्यक्रम का प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए स्वयंसेवकों की पहचान आसानी से हो जानी चाहिए; इसके लिए वे एक जैसे कपड़े पहन सकते हैं या एक समान बैज लगा सकते हैं।
रैली शाम 5 बजे तक समाप्त हो जानी चाहिए, जिसके तुरंत बाद बिना किसी अतिरिक्त समय के प्रतिभागियों को वहां से चले जाना चाहिए। कार्यक्रम से पहले या बाद में रात भर रुकने की अनुमति नहीं है। वाहनों की पार्किंग केवल उन्हीं जगहों पर की जानी चाहिए जो ट्रैफिक यूनिट द्वारा तय की गई हैं। आयोजकों की यह जिम्मेदारी है कि वे शांति बनाए रखें और रैली के दौरान किसी भी तरह के उपद्रवी या कट्टर व्यवहार को रोकें। स्थानीय कानून-व्यवस्था को देखते हुए, पुलिसकर्मियों (जिसमें असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, कमला मार्केट के स्टेशन हाउस ऑफिसर और ड्यूटी पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं) के साथ सहयोग करना अनिवार्य है।
पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि वक्ताओं को जाति, धर्म या रंग से जुड़ी ऐसी कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है। यदि कोई भड़काऊ भाषण दिया जाता है, तो पब्लिक एड्रेस सिस्टम को तुरंत बंद कर दिया जाएगा और वक्ता को वहां से हटा दिया जाएगा। रामलीला मैदान के अलावा किसी अन्य जगह पर मार्च निकालने की अनुमति नहीं है। इस सम्मेलन में 12 विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ऊर्जा, जलवायु और महासागर विज्ञान शामिल हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र अनुसंधान की प्राथमिकताओं, राष्ट्रीय क्षमताओं और वैज्ञानिक प्रगति को व्यावहारिक उपयोग में बदलने पर होगा।