पूजा से नाराज शख्स ने पत्नी, बेटे और दो पुजारियों को गोली मार उतारा मौत के घाट, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी भी ढेर

पूजा से नाराज शख्स ने पत्नी, बेटे और दो पुजारियों को गोली मार उतारा मौत के घाट, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी भी ढेर

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार देर शाम एक ही परिवार और पूजा से जुड़े लोगों की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में करीब आठ घंटे तक बंद रहा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए कराई जा रही पूजा को लेकर विवाद से हुई। बताया गया कि पूजा से नाराज अरविंद सिंह ने राइफल से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबिता सिंह, उम्र 40 वर्ष, और दो पुजारियों महेंद्र पाठक, उम्र 42 वर्ष तथा अखिलेश मिश्रा, उम्र 55 वर्ष की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को घर के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घर को घेर लिया। पुलिस लगातार आरोपी से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाती रही। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों की मदद से भी उसे समझाने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी आत्मसमर्पण के लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार उसने पुलिसकर्मियों और परिवार के लोगों को गोली मारने की धमकी दी तथा बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी।इसी दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने ही बेटे को गोली मार दी। इसके बाद पुलिसकर्मी तत्काल कमरे में दाखिल हुए। पुलिस के अनुसार कमरे में घुसते ही आरोपी ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे चेतावनी दी और आत्मसमर्पण के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फायरिंग जारी रखी, जिसके बाद बच्चों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना में आरोपी अरविंद सिंह समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई है। इनमें आरोपी की पत्नी, उसका बेटा और दो पुजारी शामिल हैं। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।