राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के चौड़ीकरण हेतु प्रभावित भूमि के क्रय-विक्रय व हस्तांतरण पर अस्थायी प्रतिबंध
राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (कटघोरा-शिवनगर-अम्बिकापुर) के उन्नयन एवं प्रस्तावित 4-लेन निर्माण कार्य के लिए जिला सरगुजा अंतर्गत भूमि अर्जन की कार्यवाही की जा रही है। परियोजना के सुचारू एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित 4-लेन मार्ग के रिअलाइनमेंट भाग से प्रभावित भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन एवं भूमि व्यपवर्तन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
भूमि अर्जन की कार्यवाही के दौरान प्रभावित भूमि का लगातार क्रय-विक्रय, नामांतरण एवं विभाजन होने से मुआवजा निर्धारण, स्वामित्व सत्यापन तथा हिस्सेदारी निर्धारण में अनावश्यक जटिलताएं उत्पन्न होने की संभावना रहती है। इससे परियोजना के कार्य में बाधा आने के साथ ही निर्माण कार्य में विलंब की स्थिति निर्मित हो सकती है। इस कारण प्रभावित भूमि की स्थिति को यथावत बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रस्तावित 4-लेन कटघोरा-अम्बिकापुर एन.एच.-130 के रिअलाइनमेंट भाग में आने वाली मध्य रेखा के दोनों ओर 50-50 मीटर तक की प्रभावित भूमि पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
तहसील लखनपुर अंतर्गत ग्राम लखनपुर, शिवपुर एवं भरतपुर से होकर गुजरने वाले प्रस्तावित 4-लेन एन.एच.-130 के रिअलाइनमेंट भाग में आने वाली मध्य रेखा के दोनों ओर 50-50 मीटर तक प्रभावित सम्पूर्ण भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन एवं भूमि व्यपवर्तन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने से लेकर भूमि अर्जन की कार्यवाही पूर्ण होने तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य प्रभावित भूमि के स्वामित्व एवं हिस्सेदारी में अनावश्यक परिवर्तन को रोकना तथा मुआवजा निर्धारण एवं भूमि अर्जन की प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-130 परियोजना के अंतर्गत पूर्व में भी प्रभावित क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। पूर्व में तहसील उदयपुर के ग्राम साल्ही, गुमगा, डाड़गांव, मनोहरपुर, दावा, विशुनपुर, पण्डरीपानी, सोनतराई, डूमरडीह, उदयपुर, झिरमिटी एवं जजगा तथा तहसील लखनपुर के ग्राम अमगसी, अधला, जुड़वानी, केंवरा, कॅवरी, लहपटरा, रजपुरीकला एवं सिगीटाना और तहसील अम्बिकापुर के ग्राम भिट्टीकला, जोगीबांध, माझापारा, मेन्ड्राकला, साड़बार, सुन्दरपुर, उदयपुर एवं ढाब की भूमि के संबंध में भी उक्त गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।