MP में भारी बारिश से हाहाकार: नदियां उफान पर, कई जिलों में स्कूल बंद
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नर्मदा, मंदाकिनी और अष्टभुजा समेत कई नदियां उफान पर हैं। डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए प्रभावित इलाकों में टीमें तैनात कर दी हैं।
रीवा में सबसे ज्यादा असर, 27 राहत शिविरों में 3 हजार लोग
रीवा जिले में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। शुक्रवार तक करीब 27 राहत शिविरों में 3 हजार लोगों को रखा गया है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 4 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
राजस्व अधिकारी, पुलिस और रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
मजदूर नदी के तेज बहाव में बहा
मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है। नदी का पानी नैगढ़ी गांव तक पहुंच गया। अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य में लगे चार मजदूर भी बाढ़ के पानी में फंस गए। इनमें से एक मजदूर के तेज बहाव में बह जाने की जानकारी सामने आई है।
डिंडोरी-मंडला हाईवे बंद, पुल के ऊपर बह रहा पानी
डिंडोरी में खेरमेर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे को बंद करना पड़ा। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर जिले में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखा गया है।
पन्ना और मैहर में भी बारिश के कारण स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी बाजार क्षेत्र तक पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गोदावरी गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना ज्यादा है। इसके बाद बारिश का प्रभाव मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी बढ़ने का अनुमान है।
अब तक मध्य प्रदेश में 599 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 675.1 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा मानसून ट्रफ के प्रभाव से बारिश का दौर बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।